क्या आपने कभी सोचा था कि अमेरिका जैसी महाशक्ति के सरकारी सिक्कों पर किसी जीवित राष्ट्रपति का चेहरा देखने को मिलेगा? अमेरिकी वित्त विभाग (US Treasury Department) ने कुछ ऐसा ही फैसला लिया है, जिसने पूरे देश में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ऐलान किया है कि देश की मिंट (टैक्साल) अब एक नया $1 का सिक्का बनाने जा रही है, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर छपी होगी।
यह घोषणा होते ही अमेरिका की सियासत में भूचाल आ गया है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह अमेरिकी इतिहास और कानून का मज़ाक उड़ाना नहीं है? आमतौर पर अमेरिका में किसी जीवित व्यक्ति की फोटो सरकारी करेंसी पर नहीं छापी जाती। तो फिर ट्रंप के लिए यह नियम क्यों बदला गया? क्या वाकई यह अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का सम्मान है या फिर सिर्फ अपनी पब्लिसिटी करने का एक अनोखा तरीका?
इस पूरे विवाद के पीछे की सच्चाई और कानूनी पेंच को बिना किसी लाग-लपेट के सीधे शब्दों में समझते हैं।
क्या जीवित राष्ट्रपति का चेहरा सिक्के पर होना गैरकानूनी है
सिक्के पर ट्रंप की तस्वीर आते ही पहला सवाल कानून को लेकर उठा। दरअसल, अमेरिका में एक बेहद पुराना कानून है जो साल 1866 में बनाया गया था। इस कानून के तहत अमेरिका की मुद्रा या सरकारी प्रतिभूतियों (Securities) पर किसी भी जीवित व्यक्ति का चित्र नहीं लगाया जा सकता। इसके पीछे सोच यह थी कि अमेरिका एक लोकतंत्र है, कोई राजशाही या तानाशाही नहीं जहां राजा अपनी मर्जी से सिक्कों पर अपनी शक्ल छपवाता फिरे।
लेकिन ट्रंप सरकार के कानूनी सलाहकारों ने इस पुराने नियम का एक नया तोड़ ढूंढ निकाला है।
सरकार का दावा है कि यह नया सिक्का साल 2020 में पास हुए 'सर्कुलेटिंग कलेक्टिबल कॉइन रीडिजाइन एक्ट' (Circulating Collectible Coin Redesign Act) के तहत बनाया जा रहा है। यह कानून अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ (Semiquincentennial) के मौके पर विशेष स्मारक सिक्के जारी करने की अनुमति देता है।
कानून के शब्दों को ध्यान से देखें तो इसमें लिखा है कि सिक्के के पिछले हिस्से (Reverse side) पर किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति का चित्र नहीं होना चाहिए। बस इसी बात का फायदा उठाकर ट्रंप के वकीलों ने तर्क दिया कि कानून सिर्फ पिछले हिस्से पर चेहरा छापने से रोकता है, सामने वाले हिस्से (Obverse side) पर नहीं! इसलिए सिक्के के सामने वाले हिस्से पर ट्रंप का चेहरा छापना पूरी तरह कानूनी है।
इस अजीबोगरीब कानूनी दलील ने विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि कानून की आत्मा को मारकर सिर्फ अपने फायदे के लिए शब्दों का खेल खेला जा रहा है।
इतिहास में पहली बार या सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का कहना है कि यह सिक्का देश के मूल्यों और स्वतंत्रता की रक्षा के संकल्प को दर्शाता है। लेकिन इतिहास पर नज़र डालें तो ऐसा लगभग एक सदी से नहीं हुआ है।
आखिरी बार साल 1926 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति केल्विन कूलिज का चेहरा एक स्मारक आधे डॉलर (Half-dollar) के सिक्के पर छापा गया था। कूलिज उस समय जीवित थे और देश की आजादी की 150वीं वर्षगांठ मना रहे थे। ठीक सौ साल बाद, यानी 2026 में, ट्रंप ने इसी उदाहरण को ढाल बनाकर अपने चेहरे वाला सिक्का बाजार में उतारने का रास्ता साफ कर लिया है।
लेकिन आलोचक इसे केवल एक पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं। केंटकी के प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने इस फैसले पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि हम पतन के आखिरी दौर में पहुंच चुके हैं, जहां लोग बिना काम के सिक्कों पर अपना चेहरा चमका रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भी दी कि आम लोगों को धोखेबाजों से बचना चाहिए जो इस सिक्के की नकली कॉपियां महंगे दामों पर बेच सकते हैं।
ट्रंप का यह नया सिक्का कैसा दिखता है
अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिक्का सोने का बना है, तो आप गलत हैं। शुरुआती चर्चाओं में इसे $1 का 'गोल्ड कॉइन' कहा जा रहा था, लेकिन हकीकत में यह शुद्ध सोने का नहीं है।
- धातु और फिनिश: सिक्का मैंगनीज और पीतल (Manganese Brass) जैसी गैर-कीमती धातुओं से बना है, जिस पर केवल सोने जैसी चमकती हुई फिनिश दी गई है। दिखने में यह पीला और चमकदार जरूर है, लेकिन इसकी असली धातु की कीमत $1 से भी कम है।
- सामने का हिस्सा (Obverse): इस पर ट्रंप का सूट और टाई पहने हुए एक गंभीर चेहरा दिखाई देता है। ऊपर की तरफ 'LIBERTY' और नीचे आजादी के साल '1776-2026' लिखे हैं। बीच में 'IN GOD WE TRUST' का पारंपरिक अमेरिकी नारा दर्ज है।
- पीछे का हिस्सा (Reverse): सिक्के के इस हिस्से पर अमेरिका का पारंपरिक प्रतीक यानी गंजा चील (Bald Eagle) बना हुआ है जो अपने पंजों में तीर और जैतून की टहनी पकड़े हुए है। चील के ऊपर बने ढाल पर देश की आजादी के साल पूरे होने की खुशी में '250' का अंक अंकित किया गया है।
यह सिक्के आम लेनदेन के लिए बाजार में नहीं घूमते दिखेंगे। इन्हें विशेष पैकेटों और बैगों में केवल शौकीनों और कलेक्टर्स के लिए बेचा जाएगा।
पहले वाले 'फाइट फाइट फाइट' डिजाइन का क्या हुआ
इस सिक्के को लेकर जो ड्रामा हुआ है, वह इसके अंतिम डिजाइन तक ही सीमित नहीं था। शुरुआत में इसके लिए जो डिजाइन तैयार किए गए थे, वे और भी ज्यादा आक्रामक और राजनीतिक थे।
पिछले साल लीक हुए कुछ शुरुआती ड्राफ्ट्स में दिखाया गया था कि ट्रंप सिक्के पर अपनी मुट्ठी हवा में लहराते हुए खड़े हैं और उनके पीछे अमेरिकी झंडा लहरा रहा है। इस पर बकायदा 'Fight, Fight, Fight' के शब्द भी लिखे जाने वाले थे, जो उनकी रैली के दौरान उन पर हुए जानलेवा हमले के बाद का उनका मशहूर नारा था।
एक और डिजाइन में ट्रंप को अपने दफ्तर की मेज पर हाथ टिकाए आगे की ओर झुके हुए दिखाया गया था।
लेकिन अंततः सरकारी एजेंसियों और कुछ सलाहकारों की आपत्ति के बाद इन डिज़ाइनों को बदल दिया गया। फाइनल वर्जन में केवल ट्रंप का एक सीधा-सादा पासपोर्ट साइज जैसा पोर्ट्रेट ही रखा गया, ताकि इस पर उठ रहे कानूनी सवालों को थोड़ा शांत किया जा सके।
नियमों को दरकिनार करने का पुराना ढर्रा
इस सिक्के को लेकर एक और बड़ा विवाद यह खड़ा हुआ है कि इसे पास करवाने के लिए स्थापित प्रक्रियाओं को ही दरकिनार कर दिया गया।
अमेरिका में जब भी कोई नया सिक्का डिजाइन किया जाता है, तो 'सिटिजन्स कॉइनेज एडवाइजरी कमेटी' (CCAC) नाम की एक संस्था उसकी समीक्षा करती है। इस कमेटी के कई सदस्यों ने शिकायत की है कि उन्हें इस ट्रंप वाले सिक्के के डिजाइन की समीक्षा करने का मौका ही नहीं दिया गया। कमेटी के एक पुराने सदस्य डोनाल्ड स्कारिनची ने खुलकर इस बात पर चिंता जताई कि बिना उनकी राय और कानूनी जांच के इस सिक्के को इतनी जल्दबाजी में कैसे हरी झंडी दे दी गई।
वैसे, अपने नाम और चेहरे को सरकारी दस्तावेजों और जगहों पर दर्ज कराना ट्रंप की पुरानी आदत रही है।
- उन्होंने अमेरिकी पासपोर्ट के पन्नों पर अपनी फोटो लगवाने का फैसला किया।
- नए छपने वाले $100 के नोटों पर उनके हस्ताक्षर जोड़े जा रहे हैं।
- $250 के नए नोट पर भी उनके चेहरे को छापने के प्रस्ताव पर काम चल रहा है।
यह सब दिखाता है कि ट्रंप केवल एक राष्ट्रपति के रूप में काम नहीं करना चाहते, बल्कि वे अमेरिकी इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा देना चाहते हैं।
अब आपको क्या करना चाहिए
अगर आप सिक्कों के शौकीन (Numismatist) हैं या अमेरिकी राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं, तो आने वाले समय में आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- झांसे में न आएं: यह सिक्का असली सोने का नहीं है। सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन वेबसाइट्स पर इसे '100% शुद्ध सोने' का बताकर हजारों डॉलर में बेचने वाले ठगों से दूर रहें।
- आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें: यदि आप वाकई इस सिक्के को अपने कलेक्शन का हिस्सा बनाना चाहते हैं, तो केवल यूएस मिंट (US Mint) की आधिकारिक वेबसाइट से ही इसे खरीदें। यह सिक्के इस साल पतझड़ (Fall) के मौसम में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
- इसकी निवेश वैल्यू समझें: मैंगनीज और पीतल के बने स्मारक सिक्कों की रीसेल वैल्यू भविष्य में बहुत ज्यादा नहीं बढ़ती है। इसे केवल एक ऐतिहासिक या राजनीतिक यादगारी के तौर पर ही खरीदें, न कि किसी बड़े निवेश के नजरिए से।